प्रथमं नैमिषं पुण्यं चक्रतीर्थं च पुष्करम् ।
अन्येषां चैव तीर्थानां सङ्ख्या नास्ति महीतले ।।

सेवाएं एवं व्यवस्था

रामकथा, श्रीमद्भागवत् कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम की व्यवस्था हेतु सम्पर्क करे.

1. गो सेवा : गौशाला के लिए चारा हेतु गो सेवा ।

2. अन्न सेवा : साधु-सन्तों, ब्राह्मणों, कन्याओं को भोजन कराने हेतु अन्न सेवा ।

3. जल सेवा : नैमिषारण्य में आये श्रद्धालुओ एवं साधु-सन्तों के लिये शीतल पेय जल हेतु जल सेवा ।

4. भवन सेवा : भक्तों, श्रद्धालुओ एवं साधु-सन्तों के निवास तथा पितृो की स्मृति में भवन एवं धर्मशाला निर्माण हेतु भवन सेवा ।

5. जन्मकुण्डली, ग्रहदोष निवारण, शारीरिक कल्याण तथा बच्चों के विकास एवं उन्नति हेतु योग्य आचार्यो के द्वारा पूजन व्यवस्था ।

6. नैमिषारण्य परिक्रमा: नैमिषारण्य की 84 कोस परिक्रमा के लिए भी व्यवस्था उपलब्ध हैं |