प्रथमं नैमिषं पुण्यं चक्रतीर्थं च पुष्करम् ।
अन्येषां चैव तीर्थानां सङ्ख्या नास्ति महीतले ।।

नैमिषारण्य में रहने का प्रबंध

तीर्थ यात्रियों के निवास एवं रामकथा, भागवत के लिए धर्मशाला, गेस्ट हाउस, होटल की व्यवस्था हैं जिसे आप अग्रिम बुक कर सकते हैं|

तीर्थ यात्री नैमिषारण्य में आने के लिए गाडी, बस, टैक्सी भी आप बुक कर सकते हैं तथा अयोध्या, इलाहाबाद, वाराणसी (काशी), चित्रकूट, गया, काठमांडू(नेपाल) के लिए टूर पैकेज भी उपलब्ध हैं|